Ambikapur News : पथराव और झड़प में एडिशनल एसपी सहित | डेढ़ दर्जन से अधिक पुलिस जवान घायल

Ambikapur News : अमेरा कोल खदान के विस्तार प्रक्रिया के बीच विरोध में उतरे ग्रामीण, वर्ष 2016 में कोल खनन विस्तार के लिए हो चुकी है भू-अर्जन की प्रक्रिया

अम्बिकापुर/लखनपुर। अमेरा खदान विस्तार का मामला अब खूनी संघर्ष का रूप ले लिया है। आज कोल अधिकारियों के साथ पहुंचे पुलिस बल पर ग्रामीणों द्वारा पथराव और गुलेल से किए गए हमले में लगभग एक दर्जन पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। वहीं पुलिस के साथ हुए संघर्ष में पूर्व सरपंच सहित एक दर्जन ग्रामीणों को भी चोटें आई है। परसीड़ीकला की ओर से अमेरा खदान के विस्तार का काम किया जा रहा है, जिसको लेकर पुलिस प्रशासन और प्रबंधन के साथ ग्रामीणों की कई बार झड़प भी हो चुकी है। वहीं पुलिस और प्रशासन ग्रामीणों को समझाईश दे खदान विस्तार के लिए उन्हे मनाने में जुटा हुआ था, इसी बीच एक स्कूली छात्र जो ग्रामीणों के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल था, की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और अधिक बढ़ गया। इसके साथ ही ग्रामीणों की ओर से पुलिस और प्रशासन तथा कोल प्रबंधन के अधिकारियों पर पथराव शुरू हो गई। जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो सहित एक दर्जन से भी अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। सरगुजा पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने बताया कि घायल पुलिस जवानों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और कुछ घायलों को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बल पर हमला करने वालों की पहचान की जा रही है और उनको शीघ्र गिरफ्तारी भी होगी।

पुलिस के पहुंचते ही उमड़ पड़ी ग्रामीणों की भीड़ : बताया जाता है कि एसईसीएल के अधिकारी आज प्रातः लगभग 11 बजे पुलिस बल के साथ अमेरा कोल खदान विस्तार की तैयारी को लेकर मौके पर पहुंचे थे। यह खबर मिलते ही परसोड़ीकला ग्राम के लोग वहां जुटने लगे और देखते ही देखते उनकी संख्या काफी अधिक हो गई। एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से चर्चा की पहल शुरू होने के पूर्व ही ग्रामीणों की ओर से पथराव शुरू कर दिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के बीच एक बारहवीं कक्षा का छात्र भी शामिल था, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जिससे ग्रामीण और अधिक आक्रोशित हो गए और ग्रामीणों तथा पुलिस के बीच झड़प की भी स्थिति निर्मित हो गई। झड़प और पथराव के बीच पुलिस कर्मियों के साथ ग्रामीणों को भी चोटें आई है।

अश्रु गैस के बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं हटे पीछे

ग्रामीणों की ओर से लगातार पथराव और गुलेल के हमले से बचने के लिए पुलिस द्वारा अन्नु गैस भी छोड़े गए, लेकिन अपनी जमीन को खदान के लिए न देने की जिद पर अड़े प्रदर्शनकारी ग्रामीण पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे थे। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस जवानों के आगे बढ़ने के बाद प्रदर्शनकारी प्रामीण खदान के उपरी हिस्से में चले गए और जब उन्होंने वहां से नीचे की ओर पथराव शुरू किया तो मजबूर होकर पुलिस और एसईसीएल प्रबंधन के अधिकारियों को पीछे हटना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोल उत्खनन क्षेत्र के विस्तार का कार्य तो किया जा रहा है, लेकिन इस विस्तार की तुलना में विकास नहीं होने के चलते वे अपनी जमीन अब खदान के लिए नहीं देना चाहते।

भू-अर्जन के बाद हो रहा खनन क्षेत्र का विस्तार

अपर कलेक्टर सुनील नायक ने कहा है कि अमेरा खदान का विस्तार जिस और होना है, उसके लिए भू-अर्जन की कार्रवाई वर्ष 2016 में पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि काफी ग्रामीणों ने अपना मुआवजा भी प्राप्त कर लिया है, जबकि कुछ लोगों ने मुआवजा नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन की कार्रवाई के बाद अब कोल खनन क्षेत्र के विस्तार का काम होना है और प्रशासन द्वारा इसके लिए लगातार ग्रामीणों से वार्ता की जा रही है साथ ही उनसे अनुरोध किया जा रहा है कि नियमानुसार उत्खनन की कार्रवाई होनी है, जिसमें वे सहयोग करें।

झड़प और पथराव में इन्हें आई है चोटें

पत्थरबाजी की घटना में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो, एसडीओपी तुल सिंह पट्टावी, थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार, शिशिरकांत सिंह, अश्वनी दीवान सहित एक दर्जन से अधिक पुलिस कर्मी चोटिल हुए हैं। वहीं पुलिस के साथ हुए झड़प में पूर्व सरपंच लोकनाथ उरें, फुलेश्वर राजवाड़े, राजेन्द्र सिंह, अनिता सिंह, नंदलाल सिंह, देवचरण राम, मिलन राजवाडे, भोगली बाई, सुमेश्वर रजक, संतोष राजवाड़े आदि को चोटें आई है।

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